दिल्ली में नयाबांस का उपचुनाव हारने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी जी ने क्या किया ?
अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था.
उनकी शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, ग्वालियर, विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज), ग्वालियर, और डीएवी डिग्री कॉलेज, कानपुर से हुई.
1942 में गाँधी जी द्वारा चलाये गए “अंग्रेजों भारत छोड़ो” आन्दोलन में किशोर होते हुए भीउन्होंने हिस्सा लिया. और आगरा जेल के बच्चा बैरक में 24 दिनों तक बंद रहे.
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी की ओर से देश के सबसे सराहनीय प्रधानमंत्री रहे हैं. उनको देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया .
उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट ख्याति प्राप्त की और अनेक पुस्तकों की रचना की. उनको कविताओं से भी खासा लगाव रहा. वह अपने विचारों को कई बार कविताओं के माध्यम से भी सामने रखते थे. वे एक कुशल वक्ता थे और उनके बोलने का ढंग भी बिलकुल अलग था.
वे दो मासिक पत्रिकाओं “राष्ट्रधर्म” और “पांचजन्य” के संपादक रहे. साथ ही दो दैनिक समाचार पत्र “स्वदेश” और “वीर अर्जुन” के भी संपादक रहे. उनकी कविताओं की बेहतरीन रचना “मेरी इकियावन कविताएं” हैं.
आडवाणीजी के मुताबिक, दिल्ली में नयाबांस का उपचुनाव था। हमने बड़ी मेहनत की, लेकिन हम हार गए। अटलजी ने मुझसे कहा कि चलो, कहीं सिनेमा देख आएं। नहीं मालूम था कि कौन-सी फिल्म लगी है। पहुंचकर देखा तो राज कपूर की फिल्म थी- ‘फिर सुबह होगी’।