न्यायमूर्ति के जी बालकृष्णन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्याय प्रशासन को सुधारने और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार करने के लिए कई उपाय अपनाए हैं।
उन्होंने वेववा राजकीय कॉलेज, ट्रिवेंद्रम और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, ट्रिवेंद्रम से अपनी शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विदेही विद्यापीठ से विधि में स्नातक की डिग्री हासिल की।
न्यायमूर्ति के जी बालकृष्णन ने अवैध बाल विवाह, महिला सशक्तिकरण और विवाहिता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मुख्यालय और उच्च न्यायालय में अपने यथार्थवादी फैसले दिए हैं।
न्यायमूर्ति के जी बालकृष्णन को 2011 में विश्व अदालत के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था, जिससे वे भारतीय मूल के पहले व्यक्ति बने थे जिन्हें इस पद पर योग्यता प्राप्त हुई थी।
न्यायमूर्ति के जी बालकृष्णन को अपनी सेवाओं के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिसमें पद्मभूषण, पद्मश्री और दोक्षिणा ग्रामीण बैंक विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया जाना शामिल है।