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राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन: 2025 में भारत की एचपीसी क्षमताओं को आगे बढ़ाना

परिचय: भारत की कम्प्यूटेशनल क्षमताओं को आगे बढ़ाना

2015 में शुरू किया गया राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य देश की उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) क्षमताओं को बढ़ाना है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु द्वारा कार्यान्वित इस मिशन का लक्ष्य पूरे देश में एक मजबूत सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढाँचा स्थापित करना है।


🎯 एनएसएम के उद्देश्य और विजन

एनएसएम के प्राथमिक लक्ष्यों में शामिल हैं:


🏗️ कार्यान्वयन और बुनियादी ढांचा

एनएसएम को कई चरणों में संरचित किया गया है:

मार्च 2025 तक, 35 पेटाफ्लॉप की संयुक्त क्षमता वाले 34 सुपरकंप्यूटर विभिन्न संस्थानों में तैनात किए जा चुके हैं, जिनमें आईआईटी, आईआईएससी और सी-डैक केंद्र शामिल हैं। ये सिस्टम 10,000 से ज़्यादा शोधकर्ताओं को सहायता प्रदान करते हैं और विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति में सहायक रहे हैं।


🌐 प्रमुख उपलब्धियां और मील के पत्थर


🔗 कनेक्टिविटी और सहयोग

सुपरकंप्यूटर राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन) के माध्यम से आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे संस्थानों के बीच निर्बाध डेटा हस्तांतरण और सहयोग की सुविधा मिलती है। यह नेटवर्क अनुसंधान की दक्षता को बढ़ाता है और पूरे देश में वास्तविक समय में डेटा साझा करने में सक्षम बनाता है।


राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन भारत

📌 यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है


📘 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता

यूपीएससी, राज्य पीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और रक्षा परीक्षाओं के उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन को समझना महत्वपूर्ण है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सरकारी योजनाओं और डिजिटल पहलों से संबंधित प्रश्न अक्सर एनएसएम जैसे विषयों पर आधारित होते हैं, जिससे उम्मीदवारों के लिए इसके उद्देश्यों और उपलब्धियों से अच्छी तरह वाकिफ होना आवश्यक हो जाता है।


🌐 सामरिक और तकनीकी महत्व

एनएसएम तकनीकी उन्नति और आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमताओं को विकसित करके, यह मिशन न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को मजबूत करता है, बल्कि भारत को उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग में वैश्विक नेता के रूप में भी स्थापित करता है।


🕰️ ऐतिहासिक संदर्भ: भारत में सुपरकंप्यूटिंग का विकास

सुपरकंप्यूटिंग में भारत की यात्रा 1980 के दशक के अंत में C-DAC द्वारा PARAM श्रृंखला के विकास के साथ शुरू हुई। 2015 में NSM की स्थापना देश के HPC बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विस्तारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। पिछले कुछ वर्षों में, मिशन स्वदेशीकरण, क्षमता निर्माण और अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए विकसित हुआ है।


📊 “राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन: भारत के तकनीकी भविष्य को सशक्त बनाना” से मुख्य बातें

क्र. सं.कुंजी ले जाएं
1भारत की उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एनएसएम को 2015 में लॉन्च किया गया था।
2मार्च 2025 तक, 35 पेटाफ्लॉप की संयुक्त क्षमता वाले 34 सुपर कंप्यूटर तैनात किए जा चुके हैं।
3मिशन सुपरकंप्यूटिंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के स्वदेशी विकास पर जोर देता है।
4एनएसएम के अंतर्गत 17,500 से अधिक व्यक्तियों को एचपीसी में प्रशिक्षित किया गया है।
5AIRAWAT AI सुपरकंप्यूटिंग अवसंरचना 200 पेटाफ्लॉप की क्षमता के साथ विश्व स्तर पर 75वें स्थान पर है।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन भारत


🧠 A) FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) क्या है?
NSM 2015 में शुरू की गई एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य भारत भर में उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे को विकसित और तैनात करना है, जिससे सुपरकंप्यूटिंग में अनुसंधान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले।

प्रश्न 2. एनएसएम की कार्यान्वयन एजेंसियां कौन हैं?
इस मिशन का संचालन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है, और इसका कार्यान्वयन सी-डैक और आईआईएससी बेंगलुरु द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 3. एनएसएम के तहत कितने सुपर कंप्यूटर तैनात किए गए हैं?
मार्च 2025 तक, भारत में विभिन्न संस्थानों में 35 पेटाफ्लॉप की संयुक्त क्षमता वाले 34 सुपर कंप्यूटर तैनात किए गए हैं।

प्रश्न 4. AIRAWAT परियोजना क्या है?
AIRAWAT NSM के तहत विकसित भारत का AI सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसकी क्षमता 200 पेटाफ्लॉप है, जो ISC 2023 रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर 75वें स्थान पर है।

प्रश्न 5. एनएसएम मानव संसाधन विकास में किस प्रकार योगदान देता है?
एनएसएम ने 17,500 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया है।

कुछ महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स लिंक्स

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