ज्योतिरादित्य सिंधिया के जीवन के Interesting Facts
ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म 1 जनवरी 1971 को मुंबई में माधवराव सिंधिया और माधवी राजे सिंधिया के घर हुआ था।
उन्होंने कैंपियन स्कूल, मुंबई और द दून स्कूल, देहरादून में शिक्षा प्राप्त की थी
उन्होंने 1993 में हार्वर्ड कॉलेज, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में बीए की डिग्री के साथ स्नातक किया। 2001 में, उन्होंने स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्राप्त किया।
30 सितम्बर 2001 को माधवराव सिंधिया की एक हवाई जहाज हादसे में मृत्यु हो गई। 18 दिसम्बर को ज्योतिरादित्य राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड गये और उन्होंने अपने पिता की सीट "गुना" से चुनाव लड़ने का फैसला किया।
24 फरवरी को वे 450,000 के मार्जिन वोट से जीत हासिल कर सांसद बने। मई 2004 में फिर से चुना गया, और 2007 में केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल किया गया।
उन्हें 2009 में लगातार तीसरी बार फिर से चुना गया और इस बार उन्हें वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया।
2014 में, सिंधिया गुना से फिर चुने गए थे लेकिन 2019 में वह सीट हार गए।10 मार्च 2020 को उन्होंने अंतरिम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से बाहर हो गये।
इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उन्हें "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। वह 11 मार्च 2020 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये।
ज्योतिरादित्य सिंधिया सिर्फ नेतागिरी ही नहीं चलाते बल्कि क्रिकेट की पिच पर भल्ला भी पूरे शौक से भांजते हैं. राजनीति के साथ परिवार का बिजनेस संभालते हुए उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को जगाए रखा और उसे तराश कर तरोताजा भी करते रहे.
सिंधिया उस घराने से आते हैं जिसके प्रभुत्व, प्रभाव और धन-दौलत की संपदा का कोई ओर-छोर नहीं. कांग्रेस की राजनीति में कदम रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इसी धमक और रौनक के साथ आए थे.